अहिंसा परमोधर्मः

एक पहलवान ने एक आदमी थप्पड मार दिया, उसने गांधी के कथनानुसार दूसरा गाल आगे कर दिया पहलवान ने दूसरे गाल पर भी थप्पड मार दिया ! थप्पड खाने वाले ने कहा पहलवान जी गांधी के कथनानुसार मैने किया अब तो आप दो घंटे रुको मै आगे की जीवनी पढ के आता हूं ! वो गया और वापस आते ही उसने पहलवान के सीने पर बंदूक रख दी, पहलवान हैरान होकर बोला भाई तू तो गांधी वादी था फिर ये हिंसा क्यूं ? वो बोला भाई मैने गांधी के आदेशानुसार दोनो गालो पर थप्पड खा लिए हैं ।।।। और आगे कुछ कहा ही नहीं उसने यही कहता रहता है ” अहिंसा परमोधर्मः”

इसलिए, अब मै सुभाष चन्द्र बौस की जीवनी पढ कर आया हूं !

और यही सत्य है दोस्तों,,,,,,, वो आधा अधूरा श्लोक हिन्दुस्तानियों को कायर बनाने पर तुला हुआ है। अहिंसा परमोधर्मः का अर्थ होता है की अहिन्सा ही परम धर्म है। लेकिन इस श्लोक के आगे का हिस्सा बताने को कोई तैयार नहीं है जिसमे लिखा है की धर्म हिंसा तथैव च।।। अर्थात अधर्म के विनाश हेतु हिंसा हो।
हमे उन महान बलिदानी चरित्रो को फिर जिंदा करना होगा ! वरना तो नापाक, पाकिस्तान, चीन, बंगलादेश सब हमे आंख दिखायेंगे ! PM अपने आप कुछ बोल नहीं सकता और जो भी बोले मैडम से पूछ के बोलेगा !ऐसे में एक ही उपाय है तुम्हारे पांच सैनिक मारे तुम उनके पचास मारो। तुम्हारी सीमा में कोई दस किलोमीटर घुस आए तो तुम बदले में उनकी सीमा में सौ किलोमीटर अन्दर घुस जाओ। कोई भी अवैध रूप से सीमा पार करे तो देखते ही गोली मार दो। कोई हिन्दुस्तान में किसी दुसरे देश का झंडा लहराने की कोशिश करे तो सीधे यमलोक पहुंचा दो तभी सुधार होगा देश की बिगडती हुई व्यवस्था में।

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